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2 years ago .New Delhi, Delhi, India

देश के अलग-अलग सरहद की कौन करता है निगरानी? कहीं BSF तो कहीं SSB

  • भारत के पास लगभग 15,106.7 किलोमीटर लंबी जमीनी सीमा है.
  • भारत के पास मुख्य सेना के अलावा कुछ पैरामिलिट्री फोर्सेज भी हैं.
  • सभी फोर्सेज को अलग-अलग सीमाओं की जिम्मेदारी दी गई है.

Written by:Vishal
Published: April 22, 2022 11:48:12 New Delhi, Delhi, India

भारत (India) के पास लगभग 15,106.7 किलोमीटर लंबी जमीनी सीमा है. इतनी लंबी और दुरूह सीमा की सुरक्षा करना कोई आसान काम नहीं है इसलिए देश की मुख्य सेना के अलावा कुछ ऐसे पैरामिलिट्री फोर्सेज (Paramilitary Forces) हैं जो इनकी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं. भारत से पाकिस्तान और चीन युद्ध कर चुके हैं. उनकी सीमा बड़ी है परंतु आपको ये जानकर हैरानी होगी कि सबसे बड़ी सीमाएं उनकी नहीं है. सबसे बड़ी सीमा बांग्लादेश की है. अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कस सीमा पर कौन सी सेना निगरानी कर रही है.

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बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) (Border Security Force)

साल 1962 के युद्ध के बाद एक यूनिफाइड सेंट्रल आर्म्ड फोर्स बनाने की आवश्यकता पड़ी ताकि पाकिस्तान की 3,323 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी की जा सके. तब 1 दिसंबर 1965 को इस पैरामिलिट्री फोर्स का गठन किया गया था. इसकी शुरुआत 25 बटालियन से हुई थी. आज इसके पास लगभग 192 बटालियन हैं. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को तुरंत पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात किया गया. साल 1971 के युद्ध के बाद इसने नए बने देश बांग्लादेश की भी निगरानी की.

बता दें कि आज की तारीख में बीएसएफ में लगभग 2.72 लाख जवान काम करते हैं. ये देश की 6,386 किलोमीटर लंबी सीमाओं की निगरानी करते हैं. इसके अतिरिक्त बीएसएफ को आतंकी और नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर, पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में भी तैनात किया गया है.

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इंडो-तिब्बतन बाउंड्री पुलिस (ITBP) (Indo-Tibetan Border Police Force)

24 अक्टूबर 1962 को इंडो-तिब्बतन बाउंड्री पुलिस (ITBP) का गठन किया गया था ताकि भारत और तिब्बत की सीमा की निगरानी की जा सके. शुरू में सिर्फ चार बटालियन बनाने की अनुमति मिली थी. इसे पहले सीआरपीएफ एक्ट के तहत बनाया गया था. फिर बाद में 1992 में आईटीबीपी एक्ट लाया गया. बता दें कि आईटीबीपी 3,488 किलोमीटर लंबी चीन की सीमा की निगरानी करती हैं. आइटीबीपी को ये जिम्मेदारी साल 2004 में मिली थी. 2004 में ही इसने सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा पर तैनात असम राइफल्स से जिम्मेदारी ले ली थी.

आईटीबीपी (ITBP) सीमा सुरक्षा के अलावा आतंकियों से भी भिड़ती है, घुसपैठियों को रोकती है. आंतरिक सुरक्षा में भी तैनात की जाती है. अभी इसके पास 56 सर्विस बटालियन, 4 स्पेशलिस्ट बटालियन, 17 ट्रेनिंग बटालियन और 7 लॉजिस्टिक इस्टैब्लिशमेंट्स हैं. बता दें कि आईटीबीपी के पास लगभग 90 हजार के आसपास जवान हैं. आईटीबीपी ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास 173 बॉर्डर आउट पोस्ट्स बना रखे हैं ताकि चीन की हरकतों पर लगातार नजर रखी जा सके.

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सशस्त्र सीमा बल (SSB) (Sashastra Seema Bal)

साल 1962 में चीनी हमले के बाद मई 1963 में सशस्त्र सीमा बल को स्पेशल सर्विस ब्यूरो के रूप में बनाया गया था. फिर जून 2001 को भारत-नेपाल सीमा के लिए लीड इंटेलिजेंस एजेंसी बना दिया गया. इसे 1751 किलोमीटर लंबी नेपाल सीमा की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है.

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