श्रीलंका (Sri Lanka) काफी समय से लगातार बुरे हालातों से गुजर रहा है. श्रीलंका में जिस तरह के आर्थिक हालात हैं. उससे हर तरफ मारामारी है. हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. इस बीच आपने
एक नाम काफी सुना होगा गोटबाया राजपक्षे. जी हां, जहां इस नाम के बारे में कुछ पूछा
जाए, तो बहुत कम ही लोग होंगे जो कुछ जानकारी दे पाएंगे. तो चलिए आज हम इस नाम से
जुड़ी सारी जानकारी आपको देने वाले हैं. दरअसल आपको बता दें, गोटबाया राजपक्षे (President
Gotabaya Rajapaksa)  कोई और
नहीं श्रीलंका (Sri Lanka) के
राष्ट्रपति और श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई हैं.
वहीं गोटबाया राजपक्षे का जन्म 20 जून, 1949 को श्रीलंका के एक प्रतिष्ठित
सियासी परिवार में हुआ था.

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श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने
अपनी स्कूली पढ़ाई को कोलंबो से पूरी करने के बाद सन् 1971 में श्रीलंका की सेना
को बतौर अधिकारी कैडेट ज्वाइन कर लिया. वहीं 1983 में उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी
से रक्षा अध्ययन में पोस्ट ग्रैजुएट की डिग्री हासिल कर ली. इसी क्रम में आगे
बढ़ते हुए सन् 1991 में सर जॉन कोटेलवाला रक्षा अकादमी (Sir John Kotelwala
Defence Academy) में उन्हें बतौर उप कमांडेट (Deputy Commandant)  नियुक्त किया गया और अपने रिटायरमेंट तक वह
वहीं अपनी सेवाएं देते रहे. इसके बाद वह 2005 में अपने भाई महिंदा राजपक्षे
के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में मदद के लिए स्वदेश लौटे और श्रीलंका की दोहरी
नागरिकता ले ली.

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बड़े भाई महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति रहने
के दौरान गोटबाया साल 2005 से 2014 तक रक्षा सचिव (Defence Secretary) रहे. आपको बता
दें कि गोटबाया श्रीलंका में 26 साल तक चले गृह युद्ध (Civil War) के दौरान एक
कामयाब सैन्य अधिकारी (Army
Officer) के रूप में काम कर चुके हैं. देश में तमिल अलगाववादी (Tamil Liberation) युद्ध को समाप्त
करने में भी इनकी अहम भूमिका मानी जाती है.

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इसके साथ ही साथ उनके द्वारा लिट्टे को क्रूरता
से दबाने में अहम भूमिका निभाने के कारण उन्हें ‘द टर्मिनेटर’ (The
Terminator) के तौर भी जाना जाने लगा. वहीं गोटबाया
राजपक्षे पर कई बार गंभीर मानवाधिकार का हनन करने के भी आरोप लग चुके हैं. उनके इस
व्यवहार के कारण उनपर युद्ध अपराध के भी आरोप लगते हैं.