अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार जाते ही और जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनते ही चीन ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनते ही चीन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है. चीन ने टीम के 30 लोगों को प्रतिबंध कर दिया है.

राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने के कुछ देर बाद चीन ने ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पिओ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन और संयुक्त राष्ट्र में राजदूत केली क्राफ्ट पर यात्रा और कारोबारी लेन-देन पर पाबंदी लगा दी.

ट्रंप प्रशासन में आर्थिक सलाहकार रहे पीटर नवारू, एशिया के लिए शीर्ष राजनयिक डेविड स्टिलवेल, स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्री एलेक्स अजर के साथ पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और रणनीतिकार स्टीफन बैनन पर भी पाबंदी लगायी गयी है.

ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों पर लगायी गयी ये पाबंदी प्रतीकात्मक हैं लेकिन अमेरिका के प्रति यह चीन के कड़े रुख को जाहिर करता है.

चीन के प्रतिबंधों के तहत, अब ये अमेरिकी नेता और उनके परिवार के सदस्य चीन, हॉन्ग कॉन्ग और मकाउ में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. प्रतिबंधित किए गए अमेरिकी अधिकारी और उनसे जुड़े संगठन या कंपनियां चीन के साथ किसी तरह का कारोबार भी नहीं कर सकेंगी.

(इनपुट पीटीआई से)