आज जैसे जैसे हमारी तकनीकि विकसित होती जा रही
है और हमें हर चीज में सुविधा होती जा रही है. तो वहीं इसके साइड इफेक्ट्स में भी
बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. इसी क्रम में आपको बता दें कि Android यूजर्स के लिए
एक चेतावनी जारी हुई है और यह चेतावनी Microsoft की तरफ से जारी की गयी है. Microsoft ने इस विषय में
जानकारी देते हुए बताया है कि एक मैलवेयर इन दिनों एंड्रॉयड यूजर्स को टारगेट कर
रहा है. यह खतरनाक मैलवेयर बिना यूजर की जानकारी के प्रीमियम सब्सक्रिप्शन को
ऑनलाइन एक्टिवेट कर देता है.

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वहीं Microsoft के रिसर्चर Dimitrios Valsamaras और Song Shin Jung ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस मैलवेयर को
बिलिंग फ्रॉड के सबकैटेगरी में रखा जा सकता है. ये मैलवेयर यूजर्स को प्रीमियम
सर्विस बिना उनकी जानकारी के सब्सक्राइब करवा देता है. रिपोर्ट्स की मानें तो ये
भी बताया है कि ऐसे टोल फ्रॉड SMS
या कॉल पर काम नहीं करते हैं. ये वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकॉल (WAP) पर काम करते हैं, जो यूजर के फोन बिल परचेज पर बिल करते
हैं. ये मैलवेयर Wi-Fi पर
सफल नहीं हो पाते हैं. इसीलिए ये यूजर्स को Wi-Fi से स्विच कराकर मोबाइल डाटा यूज करने के लिए दबाव
बनाते हैं. मोबाइल नेटवर्क के जरिए ही ये मैलवेयर ऐप्स सब्सक्रिप्शन को एक्टीवेट करा
देते हैं. यूजर को इसके लिए वेबसाइट पर गाइड भी किया जाता है. हालांकि, इसके लिए ओटीपी की जरूरत होती है लेकिन, ये ऐप्स उसे हाइड कर देते हैं.

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परमिशन देने से पहले ठीक से जांच कर लें

इस तरह के मैलवेयर से बचने के लिए रिसर्चर ने
कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की बात कहते हुए बताया कि कई ऐप्स बहुत ज्यादा ही
परमिशन की मांग करते हैं, जिनसे हमें सतर्क रहना चाहिए. अगर कोई ऐप फेक डेवलपर
प्रोफाइल या एक जैसे आइकन का इस्तेमाल कर रहा है उनसे तो बहुत ज्यादा अलर्ट रहना
चाहिए.

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इस तरह से रहें सुरक्षित

जब भी आप गूगल प्ले से कोई भी ऐप डाउनलोड करते
हैं तो उसकी रेटिंग की जांच जरूर कर लें. उसके बाद ही कोई ऐप डाउनलोड करें. अगर
आपने कोई मैलेशियस ऐप को अपने फोन में डाउनलोड कर लिया है तो आपके फोन में रैपिड
बैटरी ड्रेन, कनेक्टिविटी
इशू, डिवाइस हीटअप
जैसी कई समस्याएं आना शुरू हो जाएंगी. कोई अपरिचित सोर्स वाली जगह से किसी ऐप को
डाउनलोड नहीं करना चाहिए. यह एक तरह का ट्रैप हो सकता है.