Childrens Day Special: 14 नवंबर का दिन बाल दिवस (Childrens Day) के रूप में मनाया जाता है. इस दिन स्कूलों में बच्चों को खास ट्रीटमेंट दिया जाता है और कई स्कूलों में बच्चों को उनके सम्मान भी मिलता है. यह दिन बहुत ही खास होता है क्योंकि स्कूलों में बच्चों कलरफुल ड्रेस पहनने का मौका मिलता है और गिफ्टस भी मिलते हैं. 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) का जन्मदिवस भी बनाया जाता है. नेहरू जी को बच्चे बहुत ज्यादा पसंद थे इसलिए इस दिन को बाल दिवस घोषित किया गया. बच्चे प्यार से उन्हें चाचा नेहरू पुकारते थे. 

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14 नवंबर को क्यों मनाया जाता है बाल दिवस? 

साल 1946 से भारत दिवस मनाय जाने लगा. सबसे पहला चिल्ड्रेन डे 20 नवंबर को मनया गया था. लेकिन जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद इस तारीख को 14 नवंबर कर दिया गया. चाचा का बच्चों के प्रति लगाव ही इस दिन को खास बनाता है. बाल दिवस को 20 नवंबर से 14 नवंबर करने के लिए संसद में एक प्रस्ताव रखा गया था जिसे पारित किया गया.

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बाल दिवस के दिन बच्चों के कई प्रोग्राम होते हैं और कार्यक्रम के दौरान नाश्ता भी कराया जाता है. बच्चों के लिए कई तरह के खास कार्यक्रम कराए जाते हैं. स्कूल से लेकर बाकी शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन को बड़ी ही धूमधाम से आयोजित जाता है.

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जानकारी के लिए बता दें, 14 नवंबर, 1889 को पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म प्रयागराज में हुआ था. वे आजाद भारत पहले प्रधानमंत्री बने थे और कांग्रेस पार्टी के अहम लीडर थे. उनकी बेटी इंदिरा गांधी आजाद भारत की दूसरी प्रधानमंत्री बनी थी. जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस पर ही बाल दिवस घोषित किया गया क्योंकि उन्हें बच्चे बहुत पसंद थे. चाचा नेहरू के नाम से फेमस जवाहर लाल नेहरू का निधन 27 मई, 1964 को दिल्ली में हुआ था.