भारत में हर शहर की अपनी एक अलग परंपरा है, जो आने-जाने लोगों का दिल जीत लेती है. कभी कोई शहर अपने इतिहास को लेकर फेमस होता है, तो कोई अपनी किसी और चीज की वजह से लोकप्रिय माना जाता है. यहां हम बात कर रहे हैं जयपुर की, जहां लाखों लोग घूमने आते हैं. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जयपुर को पिंक सिटी क्यों कहा जाता है? नहीं जानते, तो चलिए नवभारत टाइम्स के मुताबिक आपको इसका कारण और इतिहास बताते हैं.

पिंक सिटी- जयपुर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुलाबी रंग उस समय की रानी को बेहद पसंद था. महारानी की पसंद को ध्यान में रखते हुए और उस समय 1876 में प्रिंस अल्बर्ट द्वितीय का स्वागत करने के लिए खासतौर पर शहर को पिंक किया गया था. उनके सम्मान में, महाराजा ने एक कोर्ट हॉल का निर्माण भी किया था. अल्बर्ट शहर को इतने प्रभावित हुए कि उनके मुंह से इसका नाम पिंक सिटी निकल गया. तभी से इस शहर का नाम पिंक सिटी रख दिया गया.

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ब्लू सिटी, सन सिटी, जोधपुर

राजस्थान के जोधपुर में आपको नीले रंग के घर, दुकान और बाजार दिखाई देंगे. टूरिस्ट के लिए यह देखना बेहद रोचक होता है और यह नजारा बेहद खूबसूरत होता है. लेकिन जोधपुर को ब्लू सिटी क्यों कहा जाता है? यहां के लोगों का मानना है कि मानना है कि नीला रंग मच्छरों को दूर रखता है और शहर को ठंडा रखता है. इसे ‘सन सिटी’ के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि पूरे साल सूरज हर मौसम में उसी ऊर्जा के साथ चमकता रहता है.

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झीलों का शहर उदयपुर

राजस्थान में उदयपुर को पहले मेवाड़ के नाम से जाना जाता था. उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों की वजह से पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. पिछोला झील, फतेह सागर, बड़ी, ढेबर, सागर स्वरूप झील, दूध तलाई उदयपुर की लोकप्रिय झीलें है. यहां कई फिल्मों की शूटिंग होती है और टूरिस्ट इन्हें देखना काफी पसंद करते हैं.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.