15 August Speech In Hindi: हर साल 15 अगस्त को पूरा देश आजादी का जश्न मनाता है. ऐसे में एक बार फिर हम स्वतंत्रता दिवस 2023 मनाने के लिए तैयार हैं. सरकार द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रणाली के मुताबिक, इस साल देश 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. हर भारतीय के लिए यह दिन बहुत ही खास होता है. इस दिन बच्चों से लेकर बूढ़ों तक में गजब का क्रेज देखने को मिलता है. आपको बता दें कि इस दिन स्कूल, कॉलेजों और कार्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम व प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है. जहां पर स्वतंत्रता दिवस पर लेख लिखने को दिया जाता है. ऐसे में हम आपको शानदार लेख के बारे में बताने वाले हैं, जिसे अगर आप लिख देते हैं, तो आपको 100 में से 100 नंबर मिलेंगे और प्रशंसा भी होगी.

यह भी पढ़ें: Independence Day Songs: देशभक्ति के जोश से भरपूर हैं ये बॉलीवुड गाने, स्वतंत्रता दिवस पर सुनें ये प्लेलिस्ट

हर साल 15 अगस्त की तारीख को हम सभी भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं. यह बहुत ही खास दिन होता है. इस स्वतंत्रता को पाने के लिए एक लंबे संघर्ष के साथ साथ हमें बहुत सारी कुर्बानियां देनी पड़ी. आज हम जो खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं. इसका श्रेय महात्म गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, मंगल पाँडे, राजगुरू, सुखदेव, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, चंद्रशेखर आजाद और बहुत सारे लोगों को जाता है. इन सभी लोगों को समय समय पर तमाम यातनाएं सहनी पड़ीं, लेकिन देश को आजाद कराने के उनके जुनून ने कभी घुटने नहीं टेके और अंतत: देश को 15 अगस्त 1947 को आजाद कराकर हमें स्वतंत्रता दिलाई.

यह भी पढ़ें: Har Ghar Tiranga Campaign: कब और किसने शुरू किया हर घर तिरंगा अभियान? जानिए इसका महत्व

स्वतंत्रता दिवस का दिवस इसलिए और भी खास हो जाता है, क्योंकि अगर हम आजाद ही न हो पाते. तो शायद हम कोई भी पर्व और दिन खुलकर न मना पाते और हमें अंग्रेजों के हुकूम के अधीन रहना पड़ता . इसलिए इस दिन को अगर सभी पर्वों का आधार कहा जाए, तो शायद गलत नहीं होगा. इसलिए हम सभी को इस दिन की वैल्यू समझनी चाहिए और इस दिन को खास बनाने के लिए कुछ खास चीजें करनी चाहिए. जैसे आप इस दिन को अनाथ बच्चों, वृद्धजनों और असक्षम व्यक्तियों के साथ भी सेलिब्रेट कर के और भी खास बना सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Indian Flag Designer: किसने किया था भारतीय ध्वज को डिजाइन? जानिए पूरा इतिहास

हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के लाल किले पर होता है. स्वतंत्रता दिवस पर देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से जनता का अभिवादन स्वीकार करते हैं और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते है और इसके बाद वह देश को संबोधिक करते हैं. प्रधानमंत्री के भाषण को सुनने के लिए सुबह से ही लाल किले पर लोग पहुंचना शुरु कर देते हैं. प्रधानमंत्री अपने भाषण में भावी योजनाओं के बारे में बताते हैं और देश की उपलब्धियों का भी जिक्र करते हैं. इस दिन प्रत्येक भारतीय को इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनना चाहिए, ताकि वह इस दिन का महत्व समझ सके.