RRTS: रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम 20 अक्टूबर को गाजियाबाद के साहिबाबाद से दोहाई डिपो के बीच लॉन्च की गई है. अब ये 21 अक्टूबर से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. RRTS यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम मेरठ से दिल्ली तक रहने वाले लोगों के लिए एक नया अनुभव होगा. यह ट्रेन साहिबाबाद गाजियाबाद गुलदार दोहे और दोहे डिपों के बीच चलेगी. पहले चरण में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का स्ट्रेट 17 किलोमीटर तक है.

बता दें , मेरठ से दिल्ली के बीच मेल एक्सप्रेस ट्रेन से करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है जबकि लोकल ट्रेन से 2 घंटे से कुछ ज्यादा का समय लगता है लेकिन आरआरटीएस जून 2025 में जब पूरी तरह से लागू हो जाएगी तो मेरठ से दिल्ली के बीच की दूरी 60 मिनट में तय करना संभव होगा.

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RRTS में क्या होगा खास

रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार इस रैपिड रेल सेवा का साहिबाबाद स्टेशन तैयार कर लिया गया है. पहले फेज़ में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम साहिबाबाद, ग़ाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर की दूरी कवर करेगी. ये हर स्टेशन पर 30 सेकेंड्र के लिए रूकेगी. वहीं मेट्रो के तर्ज पर महिलाओं के लिए एक अलग कोच होगा. जबकि इसमें 50 प्रतिशत महिला स्टाफ होंगी. इस रैपिड रेल नेटवर्क में कुल 14 स्टेशन होंगे.

जून 2025 तक जब यह पूरी तरह से मेरठ से दिल्ली के बीच ऑपरेशनल हो जाएगा तो उस दौरान ट्रेन की स्टैंडर्ड स्पीड 100 किमी प्रति घंटे की होगी जबकि ट्रेन की ऑपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की होगी.

बता दें, 8 मार्च 2019 को इसकी आधारशिला रखी गई थी ये 30,274 करोड़ का प्रोजेक्ट है.