History Of Republic Day In Hindi: भारत के प्रमुख तीन राष्ट्रीय त्योहारो में से एक गणतंत्र दिवस  है. गणतंत्र दिवस (Republic Day 2023)  राष्ट्रीय त्योहार के साथ-साथ भारतवर्ष के लिए एक गौरव का दिन होता है. गणतंत्र दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को बहुत ही गर्व और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन का इंतजार हर भारतवासी को रहता है. इस दिन को लेकर लोग बहुत हर्षोल्लास के साथ बहुत सारी तैयारियां भी करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि गणतंत्र दिवस (Republic Day Ka Itihas) मनाने के लिए इसी दिन को क्यूं चुना गया. अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख को ही क्यों चुना गया.

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संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी को चुनने का कारण

अभी कुछ दिनों में ही गणतंत्र दिवस (Republic Day Ka Itihas In Hindi) पर्व आने वाला है. पूरे देशभर में इस पर्व की तैयारियां भी जोर शोर से शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दिन ही क्‍यों सेलिब्रेट करते हैं. दरअसल, 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अपना लिया था. इसके ठीक 2 महीने बाद यानी 26 जनवरी 1950 को लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ इसे लागू कर दिया गया. तभी से इस दिन भारत पूर्ण गणतंत्र घोषित हो गया. इसी दिन संविधान लागू करने की एक प्रमुख वजह यह भी थी कि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की आजादी की घोषणा की थी. 

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भारत के गणतंत्र बनने का समय

भारत देश 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र बना था, लेकिन इसके समय के बारे में शायद ही आपको कोई जानकारी होगी. ऐसे में आपको बता दें कि भारत 26 जनवरी 1950 को सुबह 10:18 मिनट पर गणतंत्र बना था. इसके ठीक 6 मिनट बाद यानी 10 बजकर 24 मिनट पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की थी. इसके बाद डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पहली बार राष्ट्रपति के रूप में बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन के लिए निकले थे. पहले उन्होंने सेना की सलामी ली और यहीं उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया था.