राजस्थान के जोधपुर में सोमवार की रात ईद-उल-फितर और अक्षय तृतीया त्योहार से ठीक पहले दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई. झड़प की सूचना सबसे पहले जालोरी गेट चौराहे पर तब मिली जब एक समुदाय के कुछ लोगों ने ईद से पहले बालमुकंद बिस्सा सर्कल में इस्लामिक झंडा फहराया और भगवा झंडा हटा दिया.  इस कदम का दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया. 

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देखते ही देखते दोनों समुदायों के बीच बहस हिंसक हो गई. पथराव की भी सूचना मिली और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने लिखा, “जालौरी गेट, जोधपुर पर दो गुटों में झड़प से तनाव पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन को हर कीमत पर शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.”

उन्होंने आगे लिखा, “जोधपुर, मारवाड़ की प्रेम एवं भाईचारे की परंपरा का सम्मान करते हुए मैं सभी पक्षों से मार्मिक अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं कानून-व्यवस्था बनाने में सहयोग करें.”

जोधपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है. जोधपुर संभागीय आयुक्त हिमांशु गुप्ता की ओर से जारी आदेश में पूरे जोधपुर जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

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कथित तौर पर, घटना को कवर करने वाले मीडियाकर्मी भी पुलिस के गुस्से का शिकार हो गए. पुलिसकर्मियों ने 4 पत्रकारों की पिटाई की. फिलहाल पूरे शहर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. पुलिस ने त्योहारों को सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है. 

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