मुख्यमंत्री (Chief Minister) की उम्मीदवारी को लेकर राजस्थान में एक बार फिर राजनीतिक संकट (Politics Crisis) गहरा गया है. पार्टी आलाकमान के आदेश पर रविवार 25 सितंबर शाम विधायक दल की बैठक बुलाई गई, लेकिन शाम होते-होते विधायकों के अलग अलग प्रतिक्रियां सामने आने लगे. सीएम चेहरे को लेकर अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) खेमे के विधायक खुलकर विरोध में उतर आए हैं. देर शाम गहलोत गुट के विधायकों ने सामूहिक रूप से स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा. विधायकों की मांग है कि पार्टी आलाकमान उनकी राय लेने के बाद ही अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करें.

गहलोत गुट का दावा है कि उनके खेमे के पास 92 विधायकों का समर्थन है. वहीं सचिन पायलट (Sachin Pilot) को सिर्फ 16 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है. दरअसल, गहलोत गुट के कांग्रेस (Congress) नेता प्रताप खाचरियावास ने दावा किया है कि उनके पास साथ 92 विधायक का समर्थन हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है. इस लिहाज से आंकड़ों पर नजर डालें तो पायलट खेमे में सिर्फ 16 विधायक ही बचे हैं. हालांकि अभी तक पायलट गुट की तरफ से विधायकों की संख्या को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है.

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वर्तमान में राजस्थान विधानसभा की स्थिति

कांग्रेस के 108 विधायक

बीजेपी के 70

स्वतंत्र 13

आरएलपी के 3

सीपीआई (एम) के 2

बीटीपी के2

आरएलडी के 1

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गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने जा रहे हैं. जिसके लिए 24 सितंबर से नामांकन शुरू हो गए हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस पद के लिए मैदान में हैं. उनका दावा मजबूत बताया जा रहा है. वहीं, राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एक व्यक्ति पार्टी में दो पदों पर नहीं रह सकता है. इसे देखते हुए पार्टी राजस्थान में नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन कर रही है.