Mirage 2000 Fighter Jet Price and Specifications: मध्य प्रदेश के मुरैना में भीषण हादसे में वायुसेना के दो लड़ाकू विमान सुखोई 30 और मिराज 2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गए. दोनों विमानों ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी और दोनों ही विमान अपने अभ्यास उड़ान पर थी. हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के वक्त सुखोई 30 में दो पायलट और मिराज 2000 में एक पायलट था. आइए एक नजर डालते हैं भारतीय वायुसेना के इस लड़ाकू विमान मिराज 2000 पर और जानते हैं इसकी खूबियों के बारे में.

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क्या है मिराज 2000 की खासियत (Mirage 2000 Fighter Jet Price and Specifications)

मिराज 2000 फाइटर जेट एक SNECMA M53-P2 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन द्वारा संचालित किया जाता है, जो इसे 95.1 किलोन्यूटन का अधिकतम थ्रस्ट पैदा करता है. इसकी वजह से यह अधिकतम 2336 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. यही स्पीड इसे औरों से अलग बनाती है.

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मिराज 2000 (Mirage 2000) फाइटर जेट्स को उड़ाने के लिए सिर्फ एक पायलट की जरूरत होती है. इस जेट की लंबाई 47.1 फीट है. विंगस्पैन 29.11 फीट है. ऊंचाई 17.1 फीट है. हथियारों और ईंधन के साथ इसका वजन 13,800 किलोग्राम हो जाता है. वैसे यह 7500 किलोग्राम वजन का है. 26 फरवरी 2019 को 12 मिराज 2000 फाइटर जेट्स ने ही पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त किया था.

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मिराज 2000 (Mirage 2000) फाइटर जेट थॉमसन-सीएसएफ आरडीवाई (रडार डॉपलर मल्टी-टारगेट) रडार से लैस है. जिससे दुश्मन के आने वाले विमानों, मिसाइलों और रॉकेटों की जानकारी मिल जाती है. हमले से बचने के लिए दिशा बदलने में भी मदद करता है. इस विमान को राफेल फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट (Dassault) ने बनाया है. मिराज 2000 फाइटर प्लेन की कीमत करीब 167 करोड़ रुपए है.

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इसमें भारी मात्रा में हथियारों का इस्तेमाल होता है. इसमें 30 मिमी के दो रिवाल्वर कैनन लगते हैं. जो प्रति मिनट 125 राउंड फायर करती है. कुल नौ हार्ड प्वाइंट्स होते हैं, चार पंखों के नीचे और पांच ईंधन टैंक के नीचे.

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भारत के अलावा, डसॉल्ट ने मिराज 2000 को फ्रांस, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, पेरू, ताइवान, पेरू, ग्रीस और ब्राजील देश सहित 8 अन्य देशों को बेचा है. जबकि ब्राजील ने मिराज 2000 को रिटायर्ड कर दिया है, अन्य देश अभी भी इस जेट का उपयोग कर रहे हैं.