द्वारका एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati) का रविवार 11 सितंबर 2022 को निधन हो गया. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के पास बद्री आश्रम और द्वारकापीठ की जिम्मेदारी थी. वह सनातन धर्म की रक्षा के लिए आजीवन प्रयासरत रहे.वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. स्वामी स्वरूपानंद जी आजादी की लड़ाई में जेल भी गए थे. यहां हम आपको बताएंगे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती किन विवादों की वजह से सुर्खियों में रहें. आइए जानते हैं.

यह भी पढ़ें: MP: स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का निधन, 99 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

राम मंदिर पर दिया था ये बयान

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण पर बड़ा बयान दिया था. उनके द्वारा 6 फरवरी 2021 को दिए गए बयान की वजह से खूब विवाद गहराया था. उन्होंने कहा था कि अयोध्या (Ayodhya) में भगवान श्रीराम का मंदिर नहीं बन रहा है. वहां आने वाले दिनों में विश्व हिंदू परिषद का ऑफिस बनेगा. मंदिर वह बनाते हैं, जो राम को मानते हैं. राम को आराध्य मानते हैं. राम को महापुरुष मानने वाले लोग मंदिर नहीं बनाते हैं.

यह भी पढ़ें: New Labour Code: सप्ताह में मिल सकती है तीन दिन की छुट्टी, सरकार कर रही है विचार

किसान आंदोलन पर सुनाई थी खरी-खरी

नवभारत टाइम्स न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, किसान आंदोलन पर भी स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने विचार रखे थे.उन्होने इसको लेकर केंद्र सरकार को हल निकालने का संदेश दिया था. स्वरूपानंद सरस्वती ने नोटबंदी से लेकर किसान बिल तक को सरकार का एक पक्षीय निर्णय करार दिया था.

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी की Burberry T-Shirt की क्या कीमत है? BJP बोली- भारत, देखो!

ताजमहल के नीचे शिवलिंग की कही थी बात

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उन्होने वर्ष 2015 में आगरा में ताजमहल के नीचे शिवलिंग होने का दावा किया था. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा था कि ताजमहल के नीचे भगवान शिव जी का मंदिर है. इस मंदिर को भक्तों के लिए खोला जाना चाहिए. जिससे कि भक्त दर्शन और पूजा कर सकें. इसकी व्यवस्था होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: PM-Shri योजना को मिली मोदी कैबिनेट की मंजूरी, 14500 स्कूल होंगे अपग्रेड

पीएम मोदी पर साधा था निशाना

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया था. उन्होंने कहा था कि जिस समय से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं. तब से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मूल स्वरूप को बिगाड़ने में लगे हुए हैं. उन्होंने ईद मिलन समारोह के आयोजन और आरएसएस के हिंदुओं की बात करने जैसे मामलों पर हमला बोला था.