Covid Variants BA 2.86: आजकल लोगों ने कोरोना के बारे में सोचना बंद कर दिया है. लेकिन कोरोना वायरस ऐसा है कि समय-समय पर नए-नए तरीकों से लौटकर लोगों को अपने बारे में भूलने नहीं दे रहा है. कोविड के बारे में एक बात की गारंटी दी जा सकती है कि समय-समय पर नए वैरिएंट सामने आते रहेंगे. इनमें से कुछ वेरिएंट लोगों को संक्रमित करने में ज्यादा सफल होंगे.

द कन्वर्सेशन के अनुसार, BA.2.86 (परोला) एक ऐसा नया स्ट्रेन है जिसने कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है. इसके फैलने का पैटर्न अलग है. वायरस की सतह पर मौजूद विशेष अणु इसे खोलने और हमारी कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए एक चाबी की तरह काम करते हैं. इसका असर वैक्सीन ले चुके लोगों पर भी पड़ता है.

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वैक्सीन लगवा चुके लोगों के लिए भी है खतरा (Covid Variants BA 2.86)

अब जब कोविड का खतरा काफी हद तक कम हो गया है तो जब भी संक्रमण की संख्या बढ़ने लगती है तो लोगों के मास्क पहनने का मामला फिर से सुर्खियों में आ जाता है. हर जगह मास्क लगाने की गाइडलाइन जारी होने लगता है. हालांकि, विशेषज्ञ इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कोरोना का यह नया वैरिएंट कितना संक्रामक हो सकता है और इलाज पर यह किस तरह प्रतिक्रिया करता है. फिलहाल विशेषज्ञों का कहना है कि पहले दौर की जांच में पता चला है कि BA.2.86 वैरिएंट उन लोगों को भी बीमार कर सकता है जिन्होंने कोई न कोई कोरोना वैक्सीन लगवा ली है.

विशेषज्ञों की मानें तो BA.2.86 वैश्विक स्तर पर फैल चुका है. उनका कहना है कि हमें नहीं पता कि इसने कितने लोगों को संक्रमित किया है. यदि यह व्यापक रूप से फैल गया है, तो ऐसा लगता है कि केवल मुट्ठी भर लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिससे पता चलता है कि टीकों और पिछले संक्रमणों से मिली प्रतिरक्षा अभी भी हमें गंभीर, जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले कोविड से बचा रही है.