प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सभी विभागों और मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि सरकार अगले 1.5 साल में मिशन मोड में 10 लाख लोगों की भर्ती करेगी. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही पीएम मोदी का ये निर्देश सामने आया है. इस फैसले पर कांग्रेस ने पीएम मोदी को ‘हर साल 2 करोड़ रोज़गार’ देने के उनके पुराने वादे की याद दिलाई है. 

बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है. इसी बीच केंद्र सरकार का यह फैसला सामने आया है. कई सरकारी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रिक्त पदों की भर्ती के लिए हरी झंडी दिखाई गई है. 

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इस आदेश का स्वागत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, “नए भारत का आधार उसकी युवा शक्ति है, जिसको सशक्त बनाने के लिए मोदी जी निरंतर कार्यरत हैं. मोदी जी द्वारा सभी सरकारी विभागों व मंत्रालयों में 1.5 साल में मिशन मोड में 10 लाख भर्ती करने का निर्देश युवाओं में नई आशा और विश्वास लाएगा.  इसके लिए नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करता हूं.”

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला की भी इस मामले में प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा, “देश में सबसे ज़्यादा बेरोजगारी है और मोदी जी ने हर साल 2 करोड़ रोज़गार देने का वादा किया था यानि 8 साल में 16 करोड़ रोज़गार देने थे लेकिन अब मोदी जी कह रहे हैं कि 2024 तक केवल 10 लाख नौकरियां देंगे. तो 16 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ?”

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इसके साथ ही केंद्र ने दिसंबर 2023 तक 10 लाख वैकेंसी को भरने की समय सीमा तय की है. इन वैकेंसियों के लिए सभी भर्तियां 18 महीने के अंदर होंगी.  

बता दें कि बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार मोदी सरकार को घेरता रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार रोजगार पर कही गई पीएम मोदी और बीजेपी की बातों को याद दिलाते आए हैं. हर साल दो करोड़ नौकरियों के वादे पर विपक्ष के तमाम दल व नेता मोदी सरकार को घेरते रहे हैं.