कांग्रेस की पंजाब इकाई में मचे सियासी घमासान और उसके बाद ‘जी-23’ नेताओं का पार्टी आलाकमान की आलोचनाओं के बीच  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कट्टर आलोचकों में से एक हैं, लेकिन गुरुवार को उन्होंने दोनों की तारीफ की. दिग्विजय सिंह ने बताया कि कैसे शाह और RSS कार्यकर्ताओं ने चार साल पहले ‘नर्मदा परिक्रमा’ के दौरान उनकी मदद की थी.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उनकी पत्रकार पत्नी अमृता ने 2017 में नर्मदा नदी के किनारे ‘परिक्रमा’ की थी. सिंह ने गुरुवार को भोपाल में अपने लंबे समय के सहयोगी ओपी शर्मा की पुस्तक “नर्मदा के पथिक” के विमोचन के दौरान कहा, “एक बार, हम रात लगभग 10 बजे गुजरात में अपने गंतव्य पर पहुंचे. वन क्षेत्र से आगे कोई रास्ता नहीं था और रात भर ठहरने की कोई सुविधा नहीं थी.” सिंह ने आगे बताया, “ऐसे में एक वन अधिकारी आया और आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि उसने मुझे बताया कि अमित शाह ने उसे हमारे साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था.”

दिग्गज कांग्रेस नेता ने बताया, “गुजरात में चुनाव चल रहे थे, दिग्विजय उनके सबसे बड़े आलोचक हैं, लेकिन उन्होंने (शाह) सुनिश्चित किया कि हमारी यात्रा के दौरान कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. उन लोगों ने पहाड़ों के रास्ते हमारे लिए रास्ता खोजा और हम सभी के लिए भोजन की व्यवस्था भी की.”

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दिग्विजय सिंह ने 3000 किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा की थी, जो 30 सितंबर 2017 को नरसिंहपुर जिले के बर्मन घाट पर छह महीने बाद संपन्न हुई थी. उन्होंने कहा, “आज तक मैं शाह से नहीं मिला, लेकिन मैंने उचित माध्यमों से उनका आभार व्यक्त किया.” सिंह ने कहा कि ये राजनीतिक समन्वय, समायोजन और दोस्ती का एक उदाहरण था जिसका राजनीति और विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि हालांकि वह RSS के घोर आलोचक हैं, लेकिन यात्रा के दौरान उनके कार्यकर्ता उनसे मिलते रहे. उन्होंने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि वे इतनी परेशानी क्यों उठा रहे हैं, उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें मुझसे मिलने का आदेश मिला है.”

सिंह ने बताया, “जब वह भरूच क्षेत्र से गुजर रहे थे, RSS कार्यकर्ताओं ने एक दिन मांझी समाज धर्मशाला में उनके ग्रुप के ठहरने की व्यवस्था की और जिस हॉल में उन्हें रखा गया था, वहां दीवारों पर आरएसएस के दिग्गजों केशव बलिराम हेडगेवार और माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की तस्वीरें थीं.”

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह ये बताकर ये समझाना चाह रहे हैं कि धर्म और राजनीति अलग-अलग हैं और उन्होंने अपनी तीर्थयात्रा के दौरान सभी से मदद ली.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक नेता और तीन अन्य बीजेपी कार्यकर्ता उनके ग्रुप का हिस्सा थे और वे अब उनके ‘नर्मदा परिवार’ का अविभाज्य हिस्सा हैं.

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