हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने मंगलवार (21 जून) को वादा किया कि सेना में 4 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को गारंटी के साथ नौकरी दी जाएगी. इससे पहले कई अन्य बीजेपी शासित राज्य इस तरह की घोषणा कर चुके हैं. 

बता दें कि उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और बिहार सहित देश के कई राज्यों में हाल ही अग्निपथ योजना के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. कई जगहों पर प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है. 

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अग्निपथ योजना पर हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “चार साल के बाद जब जो 75 प्रतिशत अग्निवीर वापस आएंगे उन्हें हरियाणा सरकार की नौकरियों में लेना बहुत कठिन नहीं है. मैं आज घोषणा करता हूं कि जो लोग(अग्निवीर) हरियाणा सरकार की नौकरियों में आना चाहेंगे उन्हें गारंटी के साथ नौकरी दी जाएगी.” 

केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर हिंसक प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी युवाओं को गारंटी दी है कि यदि वे अपना चार साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करते हैं, तो राज्य सरकार उन्हें पुलिस और संबद्ध बलों के पदों पर पहली वरीयता देगी.

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ट्विटर पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यूपी सरकार आश्वासन देती है कि ‘अग्निवर’ को उनकी सेवा के बाद पुलिस और पुलिस संबद्ध बलों में आवास के लिए प्राथमिकता दी जाएगी.” 

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इसी तरह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 जून को विधानसभा में अग्निपथ भर्ती पहल पर संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने कहा, “अग्निवीरों (75 प्रतिशत ‘अग्निवीर’ जिन्हें सशस्त्र बलों से 4 साल की सेवा के बाद मुक्त किया जाएगा) को उत्तराखंड पुलिस, आपदा प्रबंधन और राज्य के चार धाम प्रबंधन में शामिल किया जाएगा.”