What is meaning of Myositis in Hindi: साउथ एक्ट्रेस सामंथा रूथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) ने अपनी बीमारी के बारे में बताया है. उन्होंने बताया कि वे मायोसाइटिस (Myositis) नाम की बीमारी हो गई है. इसके कारण वे काफी दर्द में हैं लेकिन उन्हें अपने आत्मविश्वास और डॉक्टर्स पर भरोसा है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगी.

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एक्ट्रेस ने अस्पताल से एक तस्वीर भी शेयर की और उसके बाद फैंस उनके जल्द ठीक हो जाने की कामना कर रहे हैं. मगर बहुत से लोगों के मन में सवाल आ गया है कि आखिर मायोसाइटिस क्या है (What is Myositis) और इसका हिंदी में अर्थ (Myositis meaning in Hindi) क्या है. तो चलिए आपको इसकी डिटेल्स बताते हैं.

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क्या होता है Myositis?

मायोसाइटिस का मतलब मसल्स में सूजन और दर्द से होता है. मायोसाइटिस का पूरा नाम इडियोपैथिक इंफ्लेमेटरी मायोसाइटिस (Idiopathic Inflammatory Myositis) होता है. ऐसा बताया गया है कि ये बीमारियों का समूह होता है जिसमें मांसपेशियों के अलावा त्वचा और फेफड़ों में भी सूजन हो जाती है. मायोसाइटिस का अर्थ मसल्स में इंफ्लेमेशन होता है. इन समस्याओं से जूझ रहे लोगों को कनेक्टिंग टिशू डिजीज, ल्यूपस, सिस्टमेटिक स्क्लेरोसिस और ऑटोइम्युन नेकोटाइजिंग मायोपैथी होती है. इस बीमारी में डायनोगिस्ट होता है और धीरे-धीरे रिकवरी हो जाती है.

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मायोसाइटिस के लक्षण क्या हैं?

मायोसाइटिस में शरीर के बड़े हिस्से प्रभावित हो जाते हैं जिसमें गर्दन, कंधे, कूल्हे और पीठ शामिल है. शरीर के इन हिस्सों में कमजोरी होने से वो अंग ठीक से काम नहीं कर पाता है. इसके अलावा इन चीजों में भी काफी परेशानी होती है और ये भी मायोसाइटिस के बड़े लक्षण हैं-

1. त्वचा पर चकत्ते पड़ना.

2. हर समय थकान रहना.

3. हाथों की त्वचा मोटी पड़ जाना.

4. खाना निगलने में समस्या होना.

5. सांस लेने में कठिनाई बार-बार होना.

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मायोसाइटिस से बचने के उपाय

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मायोसाइटिस का विशेष इलाज अभी तक नहीं पाया गया है. हालांकि इसके लक्षणों की गंभीरता के मुताबिक कुछ दर्दनिवारक और सूजन रोधी दवाईयां मरीजों को दी जाती हैं. इसके साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाने वाली दवाएं भी इसमें दी जाती हैं. मायोसाइटिस के लिए कोई सटीक इलाज अभी तक सामने नहीं आया है. लेकिन अगर आपको ऊपर दिए गए कुछ लक्षण प्रभावित कर रहे हैं तो आपको तुरंत एक्सपर्ट्स डॉक्टर की सलाह लेकर दवाईयों का सेवन शुरू करना चाहिए. खुद से उसका इलाज करना भारी पड़ सकता है.

नोटः ये जानकारी एक सामान्य सुझाव है. इसे किसी तरह के प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें. आप इसके लिए संबंधित विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें.