भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रही है. करोड़ों दिलों पर राज करने वाली लता दीदी का निधन 6 फरवरी को हो गया. लेकिन उनसे जुड़े किस्से लोगों को हमेशा याद आएंगे. लता दीदी से जुड़े किस्से अनुठे भी हैं और भावुक करने वाले भी. उनकी भावना सभी लोगों के लिए सामान्य थी. लता मंगेशकर का भारतीट क्रिकेट टीम के लिए दीवानगी सभी जानते हैं. लेकिन एक किस्सा है जब लता दीदी ने भारतीय टीम के लिए टेंशन में आ गई थी और उनके लिए निर्जला व्रत रखा था.

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विश्वकप 2011 में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की जीत के लिये उन्होने निर्जल व्रत रखा था. उन्होंने पीटीआई को दिये इंटरव्यू में कहा था , ‘मैने पूरा मैच देखा और मैं काफी तनाव में थी.’

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उन्होंने कहा था , ‘जब भारतीय टीम खेलती है तो मेरे घर में सभी का कुछ न कुछ टोटका होता है. मैंने , मीना और उषा ने सेमीफाइनल के दौरान कुछ खाया पिया नहीं. मैं लगातार भारत की जीत के लिये प्रार्थना कर रही थी और भारत की जीत के बाद ही हमने अन्न जल ग्रहण किया.’

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विश्व कप 1983 फाइनल को याद करते हुए उन्होंने कहा था , ‘मैं उस समय लंदन में ही थी और मैने कपिल देव और उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले डिनर के लिये बुलाया था. मैने उन्हें शुभकामनायें दी.’

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1983 वर्ल्ड कप के समय भी लता मंगेशकर ने अपनी ओर से खिलाड़ियों को पैसे दिए थे. क्योंकि उस वक्त बीसीसीआई के पास इतने पैसे नहीं थे.

उन्होंने कहा , ‘खिताब जीतने के बाद कपिल देव ने मुझे डिनर के लिये बुलाया था. मैने जाकर टीम को बधाई दी.’

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सचिन तेंदुलकर को वह अपना बेटा मानती थी और वह भी उन्हें मां सरस्वती कहते थे. यह संयोग की है कि सरस्वती पूजा के अगले दिन ही भारत की सरस्वती का देवलोकगमन हुआ.

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