Halloween Meaning in Hindi: इन दिनों सोशल मीडिया पर आपने लोगों को डरावने अवतार में देखा होगा. स्कूलों और हाउस पार्टीज में लोग भूत, चुड़ैल, वैम्पायर, जोम्बी के गेटअप लेकर पार्टी कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग अपनी ऐसी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं लेकिन बहुत से लोग समझ ही नहीं पा रहे कि आखिर ये हो क्या रहा है. खासकर भारत में रहने वालों को ये सब बहुत अजीब लग रहा होगा लेकिन शायद ही आप जानते हों कि इससे वेस्टर्न के कुछ देशों की मान्यताएं जुडी़ हैं. 31 अक्टूबर को हर साल हैलोवीन फेस्टिवल मनाया जाता है जिसे आम भाषा में ‘डरावना त्योहार’ भी कहते हैं. चलिए आपको इससे जुड़ा इतिहास और इससे जुड़ी कुछ और बातें बताते हैं.

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क्या होता है हैलोवीन का मतलब? (Halloween Meaning in Hindi)

31 अक्टूबर के दिन पश्चिमी देशों में हैलोवीन फेस्टिवल (Halloween Festival) मनाया जाता है. ये ईसाई धर्म को मानने वालों का त्योहार होता है और उनकी ऐसी मान्यता है कि इस दिन उनके पूर्वज धरती पर उनसे मिलने आते हैं. पहले के समय में ये दिन सिर्फ पश्चिमी देशों में मनाया जाता था लेकिन जैसे जैसे लोग दुनियाभर में पढ़ाई और काम को लेकर पहुंच रहे हैं वैसे वैसे इसे मनाने का दौर हर तरफ चल पड़ा. हैलोवीन को ऑल हैलोवीन, ऑल हेलोस ईवनिंग और ऑल सेंट्स ईव के नाम से भी जाना जाता है. हैलोवीन का कोई शाब्दिक अर्थ तो नहीं है लेकिन हिंदी में आप इसे आम भाषा में ‘डरावना त्योहार’ कह सकते हैं. इस दिन को मनाने की तैयारी एक हफ्ते पहले से शुरू हो जाती है और स्कूलों में फैंसी ड्रेस कॉम्पटीशन होता है जिसमें बच्चे डरावने रूप लेकर एन्जॉय करते हैं.

Halloween Meaning in Hindi
हैलोवीन डे मनाने का इतिहास. (फोटो साभार: Unsplash)

क्या है इस ‘डरावना त्योहार’ का इतिहास? (What is History of Halloween Festival)

वैसे तो हैलोवीन की शुरुआत को लेकर अलग-अलग कहानियां इतिहास में दर्ज हैं. लेकिन सबसे लोकप्रिय जो बात है उसके बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं. ऐसा माना जाता है कि करीब 2000 साल पहले हैलोवीन फेस्टिवल की शुरुआत हुई थी. उत्तरी यूरोप में इसे ‘All Saints’ Day’ के रूप में मनाया जाता है और उनकी मान्यता है कि इस दिन मृत लोगों की आत्माएं धरती पर आती हैं और सामान्य लोगों को परेशान करती हैं. ऐसे में लोगों ने उन आत्माओं को डराने और भगाने के लिए खुद डरावने गेटअप और कपड़े पहनने का काम शुरू किया.डरावने रूप के साथ लोग जगह-जगह बुरी शक्तियों को भगाने का काम करते थे लेकिन समय बीतता गया और लोगों के लिए ये एक आनंद वाला त्योहार हो गया. इस दिन कौन कितना डरावना दिखे इसकी उन लोगों में होड़ मची रहती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, पश्चिमी देशों के ज्यादातर लोग हैलोवीन फेस्टिवल के दिन एक पका हुआ पीला कद्दू घर लेकर आते हैं. उसे खोखला करके उसमें नाक, मुंह और आंखें बनाकर उसके अंदर मोमबत्ती जलाते हैं. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं करती हैं और इस त्योहार के बाद उस कद्दू को जमीन में दफना दिया जाता है.

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