12th Fail IMDb Rating: बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक बहुत कम फिल्में बनाते हैं लेकिन जब बनाते हैं तो कमाल की कहानी गढ़ी जाती है. 27 अक्टूबर को उनकी फिल्म 12वीं फेल रिलीज हो चुकी है और उनकी इस फिल्म में विक्रांत मैसी (Vikrant Massey) लीड रोल में नजर आए हैं. विक्रांत कितने कमाल के एक्टर हैं ये बात किसी से छिपी नहीं है और उन्होंने अपने अभिनय का प्रदर्शन कई बार दिया है. फिल्म की कहानी उन सभी लोगों को छू जाएगी जिन्होंने जीवन में कई बार फेल होने का सामना किया है लेकिन बाद में सफलता हासिल की. जो लोग बार-बार फेल हो रहे हैं उनके लिए ये फिल्म मोटीवेशन साबित हो सकती है.

यह भी पढ़ें: November 2023 Upcoming Movies: UT69 और टाइगर 3 समेत बॉक्स ऑफिस पर आएंगी ये फिल्में, देखें पूरी लिस्ट

फिल्म 12वीं फेल की आईएमडीबी रेटिंग कितनी है? (12th Fail IMDb Rating)

अनुराग पाठक ने एक ऐसी फिल्म की कहानी लिखी है जिसमें बार-बार असफलता के बाद जब सफलता मिलती है तो उस खुशी को हर कोई महसूस कर सकता है. ये फिल्म हर किसी के लिए एक बेहतर मोटीवेशन साबित हो सकती है इसलिए हर किसी को ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए. ये फिल्म अनुराग पाठक ने आईपीएस मनोज शर्मा के जीवन पर लिखी है जो 12वीं में फेल हो गए थे बाद में ऑफिसर बने. अगर आप ये फिल्म रेटिंग के बिना देखने नहीं जाना चाहते तो आपको बता दें कि फिल्म 12th Fail को 10 में से 8 आईएमडीबी रेटिंग मिली है. फिल्म के चर्चे खूब हो रहे हैं और जो लोग देख आए हैं वो सोशल मीडिया पर फिल्म की खूब तारीफ कर रहे हैं. फिल्म में विक्रांत मैसी, प्रियांसु चटर्जी और मेधा शंकर जैसे कलाकार हैं.

यह भी पढ़ें: Tejas IMDb Rating: कंगना रनौत की ‘तेजस’ कैसी है? जानें इसे कितनी रेटिंग मिली

कैसी है फिल्म 12वीं फेल की कहानी? (12th Fail Story in Hindi)

मध्यप्रदेश के जौरा तहसील के एसडीएम कार्यलय से फिल्म 12th Fail की कहानी शुरू होती है. यहां अपनी टेम्पो को छुड़ाने आया टेम्पो चालक मनोज (विक्रांत मैसी) एसडीएम से इतना प्रभावित हो जाता है कि खुद अधिकारी बनने की ठान लेता है. वो लड़का 12वीं फेल था और गणित, अंग्रेजी में बहुत कमजोर होता है. इसके कारण साइंस छोड़कर आर्ट्स की तरफ रुक करता है. आर्ट्स की तरफ जाना मनोज के लिए वरदान साबित होता है. ग्वालियर से बीए करने के बाद मनोज कुछ दिन आटे की चक्की में काम करके पुस्तकालय में सोने का इंतजाम कर लेता है. खुद के खर्चों का निर्वाह करते हुए यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली पहुंच जाता है. यहां खुद का खर्चा चलाने के लिए यहां मनोज बहुत से काम करता है. इसके बाद मनोज का संघर्ष कैसे कैसे आगे बढ़ता है और वो ऑफिसर बनता है इसके लिए आपको फिल्म देखनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: Leo Box Office Collection Day 8: 300 करोड़ के करीब पहुंची थलापति विजय की ‘लियो’, जानें ताजा कलेक्शन