FD Rules: जब भी पैसों का निवेश (Investment) करने की बात आती है, तो लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) का नाम सबसे पहले लेते हैं. क्योंकि लोगों का मानना है कि इसमें इन्वेस्टमेंट से लेकर रिटर्न (Return) तक सारी चीजें फिक्स होती हैं तो कोई जोखिम नहीं होगा. यदि आप भी फिक्स्ड डिपॉजिट करते हैं तो आपके लिए यह खबर काम की है. आरबीआई (RBI) ने एफडी के बड़े नियम को बदल दिया है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरबीआई ने एफडी से जुड़े नियमों में कुछ समय पहले ही बदलाव कर दिया और नए नियम लागू भी हो चुके है. आरबीआई ने फेस्टिव सीजन से पहले आम आदमी को बड़ा झटका दिया है. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वॉइंट का इजाफा किया है. इस फैसले के बाद कई सरकारी और गैर सरकारी बैंकों ने भी एफडी पर ब्याज दरें में बढोतरी करने की शुरुआत कर दी है. इसलिए एफडी कराने से पहले ये खबर अवश्य पढ़ लीजिए. वरना आपको नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.

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FD की मैच्योरिटी पर बदले नियम

आरबीआई के द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) के नियम में किए गए बदलाव को हम आपको बता दें कि अब मैच्योरिटी पूरी होने के बाद यदि आप राशि को क्लेम नहीं करते हैं. तो आपको इस पर कम ​ब्याज (Interest) दिया जाएगा. ये ब्याज सेविंग खाते पर मिलने वाले ब्याज के बराबर होगा.अधिकतर बैंक्स 5 से 10 वर्ष की लंबी अवधि वाले फिक्स्ड डिपॉजिट पर अभी 5 प्रतिशत से अधिक ब्याज देते हैं और सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरें 3 परसेंट से 4 फीसदी के आस-पास होती हैं.

RBI ने जारी किया ये आदेश

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यदि FD मैच्योर होता है और राशि का भुगतान नहीं हो पाता है या इस पर दावा नहीं किया जाता है तो उस पर ब्याज दर सेविंग्‍स खाते के हिसाब से या फिर मैच्‍योर्ड FD पर निर्धारित ब्‍याज दर, जो भी कम हो वो दी जाएगी. ज़ी न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, RBI का ये नियम सभी कमर्शियल बैंकों, सहकारी बैंक,स्थानीय क्षेत्रीय बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा पर लागू होंगे.

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जानें क्या कहते हैं नियम

इसको ऐसे समझें कि, आप मान लीजिए आपने 5 वर्ष की मैच्योरिटी वाला फिक्स्ड डिपॉजिट करवाया है, जो आज मैच्योर हुआ है, परन्तु आप ये राशि नहीं निकाल रहे हैं तो इस पर दो परिस्थितियां होंगी. यदि FD पर मिल रहा ब्याज उस बैंक के सेविंग अकाउंट पर मिल रहे ब्याज से कम है, तो आपको FD वाला ब्याज ही मिलता रहेगा. यदि FD पर मिल रहा ब्याज सेविंग अकाउंट पर मिल रहे ब्याज से अधिक है, तो आपको सेविंग अकाउंट पर मिल रहा ब्याज मैच्योपरिटी के बाद मिलेगा.