विश्व बाजार में मंदी की आहट दिख रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गर्वनर शक्तिकांत दास के ऐलान से राहत मिल सकती है. शक्तिकांत दास ने कहा है कि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व प्रमुख के हाल में द‍िए गए भाषण से पैदा हो रही नकारात्मकता से मुकाबला करने के लिए देश की बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह सक्षम है. दास ने ये एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि, रिजर्व बैंक और सरकार घरेलू बैंकिंग प्रणाली को स्वस्थ्य रखने के लिए विदेश मुद्रा के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं.

यह भी पढ़ेंः PM Kisan Samman Nidhi Yojana की 12वीं किस्त कब आएगी? देखें अपडेट

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल ने पिछले हफ्ते जैक्सन होल सम्मेलन में सख्त रवैया अपनाने के संकेत दिए थे. दास ने कहा कि जैक्‍सन होल सम्मेलन के बाद दुनियाभर के बाजारों में उठापटक देखी जा रही है और उभरते बाजारों में अनिश्चितता आई है. लेकिन उन्‍होंने कहा क‍ि बैंकिंग प्रणाली को किसी भी बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों के निपटने के लिए खड़ा रहने के लायक बनाने की कोशिश की गई है.

यह भी पढ़ेंः UPI से एक दिन में कितनी राशि हो सकती है ट्रांसफर, जानें पूरी डिटेल्स

दास ने कहा कि अपनी बैंकिंग प्रणाली को सशक्त करने के लिए उठाए गए प्रयासों से भारत इन बाहरी झटकों का मजबूती से सामना करने की स्थिति में है. रुपये की गिरते स्‍तर के बारे में उन्‍होंने कहा क‍ि रुपये को विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए आरबीआई लगातार मौजूद है, ताकि इसे एक अपेक्षित स्तर पर बनाए रखा जाए.

दास ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में सिर्फ 4.5 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि दुनिया की अन्य मुद्राओं में कहीं अधिक गिरावट दर्ज की गई है.

यह भी पढ़ेंः Post Office में रोजाना 100 रुपये से कम के निवेश, आपको बना सकता है लखपति!

उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही से कीमतों में गिरावट अधिक तेज हो सकती है. मुद्रास्फीति में नरमी से महंगाई नीचे आएगी. महंगाई कम होने से देश के हर आम और खास शख्‍स को फायदा म‍िलेगा.