Kalava on Tulsi Plant: हिंदू धर्म में प्रकृति की हर चीज की पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है. सूर्य, चंद्रमा, पेड़-पौधे, नदी और भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिनकी पूजा करने से जीवन में लाभ होते हैं. अगर पौधों की बात करें तो हर पौधा देवी-देवताओं से जोड़कर उनकी पूजा की जाती है. उनमें से एक है तुलसी का पौधा जो भगवान विष्णु को अतिप्रिय है क्योंकि उनके अवतारों में एक शालीग्राम का विवाह तुलसी के साथ हुआ था. तुलसी के पौधे की जब पूजा होती है तो उसमें लाल कलावा बांधकर मन्नत मांगी जाती है. मगर ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता क्या है चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.

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तुलसी के पौधे में कलावा बांधने से क्या होता है? (Kalava on Tulsi Plant)

हिंदू धर्म में पेड़-पौधों की पूजा होती है जिसमें पीपल, शमी, बरगद, पीपल और तुलसी का पौधा होता है. इन सभी पौधों और पेड़ों में कलावा बांधा जाता है. इन पेड़ों की पूजा ग्रह, दोष और सुख-शांति के लिए की जाती है. तुलसी की पूजा हर दिन करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है. हर दिन तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाना चाहिए जिससे घ में सुख-समृद्धि का भी वास होता है. उसी दौरान कलावा या लाल धागा बांधना भी शुभ होता है. मान्यता है कि तुलसी के पौधे के निचले भाग में कलावा बांधने से आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है. तुलसी के पौधे में कलावा बांधने से लक्ष्मी माता के साथ आपके ऊपर भगवान विष्णु की भी कृपा बनी रहेगी. वैसे भी हिंदू धर्म में किसी भी पूजा की समाप्ति कलावा बांधकर होती है क्योंकि इसे बहुत ही शुभ माना गया है.

कैसे करें तुलसी के पौधे की पूजा? (Tulsi Plant Puja Vidhi)

अगर आपको भी हर दिन तुलसी के पौधे की पूजा करनी है तो कई बातों को मानना होगा. आप अपने बुरे दिनों को दूर करना चाहते हैं तो हर रोज तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाएं और साथ ही इस पौधे की पूजा के समय उसके पास बैठकर 108 बार ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मन्त्र का उच्चारण करें और आप माता तुलसी के पास बैठकर उन्हें अपनी सभी परेशानियों को बताएं. क्योकि तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए भक्त की अरदास सीधे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी तक पहुंचती है, जिससे वे आपके सारे संकट दूर कर देते हैं और साथ ही आपको धन का लाभ मिलता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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