Sheetala Ashtami 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, शीतला सप्तमी और अष्टमी साथ ही पड़ता है. दोनों की पूजा दो दिनों में होती है. शीतला सप्तमी के दिन खाना बनाकर रखा जाता है और शीतला अष्टमी के दिन बसौड़ा खाना माता शीतला को भोग लगाया जाता है. फिर उसे व्रत रखने वाले प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं. 14 मार्च को शीतला सप्तमी और 15 मार्च को शीतला अष्टमी का पर्व पड़ रहा है और श्रद्धालु दो दिन व्रत रहकर माता शीतला को प्रसन्न कर सकते हैं. इस व्रत में कुछ चीजों को करना वर्जित है जिसके बारे में चलिए आपको बताते हैं.

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शीतला अष्टमी के दिन भूलकर भी ना करें ये 5 काम (Sheetala Ashtami 2023)

शास्त्रों के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि मां शीतला की विधिवत पूजा करने से घर के हर सदस्य का रोग उनसे दूर रहता है. खासकर माताएं अगर अपने बच्चों के अस्वस्थ्य होने से परेशान हैं तो उन्हें ये व्रत जरूर करना चाहिए. मगर इसमें कुछ चीजों को करने की मनाही होती है, जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए.

1. शीतला अष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलाना चाहिए, बल्कि एक दिन पहले बना बासी भोजन का भोग लगाएं और सभी को वही प्रसाद के रूप में खाना चाहिए.

2. शीतला अष्टमी के दिन घर में झाड़ू भी नहीं लगानी चाहिए और ना ही उस दिन नये कपड़े पहने. साथ ही लाइट कलर के कपड़े ही पूजा के दौरान पहने.

3. ऐसी भी मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन सुई-धागा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ना ही मशीन में सिलाई करनी चाहिए, ये सभी चीजें शीतला अष्टमी के दिन वर्जित है.

4. शीतला अष्टमी के दिन पशु-पक्षियों को बिल्कुल भी परेशान ना करें, वैसे उन्हें कभी परेशान नहीं करना चाहिए. ऐसी मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके घर का कोई ना कोई बीमार ही रहेगा.

5. शीतला अष्टमी के दिन मांस-मदीरा का सेवन तो भूलकर भी नहीं करें. खासकर अगर आपके घर की महिला माता शीतला के लिए व्रत हों तो मांस-मदीरा का सेवन उल्टा प्रकोप ला सकता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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