Rangbhari Ekadashi 2023: हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी मनाई जाती है. इस एकादशी को आमलकी एकादशी और आंवला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू धर्म में रंगभरी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. इस साल रंगभरी एकादशी 03 मार्च दिन शनिवार (Rangbhari Ekadashi 2023 Date) को है. इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का विधान है. हिंदू मान्यता के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती पहली बार काशी आए थे. इसलिए यह एकादशी वाराणसी में अधिक उत्साह के साथ मनाई जाती है. इस दिन शिव जी और माता पार्वती को गुलाल लगाया जाता है. हिंदू धर्म में रंगभरी एकादशी के दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही है. चलिए जानते हैं रंगभरी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

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Rangbhari Ekadashi के दिन क्या करें?

-रंगभरी एकादशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं.
-भगवान विष्णु के सामने व्रत और दान का संकल्प लेना चाहिए.
-इस दिन सभी लोगों को सदाचार का पालन करना चाहिए. इससे भगवान प्रसन्न होते हैं.
-इस दिन व्रत धारण करने वाले व्यक्ति को भगवान शिव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए.

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-इस दिन घर के हर सदस्य को सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए
-इसके अलावा रंगभरी एकादशी के दिन भोजन या अन्न का दान करना चाहिए.

रंगभरी एकादशी के दिन क्या न करें?

-रंगभरी एकादशी के दिन अगर आप व्रत रख रहे हैं. तो सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए
-इसके अलवावा किसी पर गुस्सा न करें. घर में किसी भी प्रकार का वाद-विवाद या क्लेश करने से बचे.
-लहसुन-प्याज और अन्य तरह की तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

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-किसी भी तरह का नशा न करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें.
-ईमानदारी से काम करना चाहिए और गलत कामों से बचे.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)