Mahalaxmi Vrat 2023: हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. उन्हें धन और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है और उनकी पूजा से परिवार में सुख और संपत्ति बढ़ती है. महालक्ष्मी व्रत एक ऐसा अवसर है जब भक्त विशेष रूप से देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं. यह व्रत भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से आश्विन कृष्ण अष्टमी तक मनाया जाता है. इस साल महालक्ष्मी व्रत 22 सितंबर, शुक्रवार से शुरू हो रहा है और 6 अक्टूबर, शुक्रवार तक चलेगा.

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पूजा विधि (Mahalaxmi Vrat 2023)

इस व्रत को पूरा करने के लिए सही पूजा विधि का पालन करना चाहिए. मां लक्ष्मी की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक विशेष स्थान को साफ करें, आटे से चौका बनाएं और फिर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद देवी लक्ष्मी को गुलाब, कमल, साड़ी, रोली, सिन्दूर, चूड़ी, केसर, अक्षत सुपारी, आम की टहनी, कटा हुआ पान का पत्ता, फल, फूल, दूध, दही, शहद आदि विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्रियां अर्पित की जाती हैं. व्रत के दौरान आपको विशेष मंत्र “ओम श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध नमः” का जाप करना चाहिए.

इस व्रत को करने से माता लक्ष्मी आपकी गोद धन-समृद्धि से भर देंगी और आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. यदि आप इस व्रत को सही धार्मिक भावना और पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं, तो देवी लक्ष्मी आपकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार करेंगी.

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महालक्ष्मी व्रत का महत्व और लाभ

महालक्ष्मी व्रत धन वृद्धि के लिए किया जाता है. 15 दिनों में मां लक्ष्मी को उनके पसंदीदा फूल और प्रसाद चढ़ाया जाता है. देवी लक्ष्मी की कृपा से खोया हुआ धन, मान-सम्मान आदि वापस मिल जाता है. यदि आपको कोई आर्थिक हानि हुई है, आप दरिद्रता में फंसे हुए हैं और आर्थिक संकट से निकलने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है तो आपको महालक्ष्मी व्रत करना चाहिए.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)