Kartik Purnima 2023 Date: हिंदू कैलेंडर में आठवां महीना कार्तिक मास का होता है. ये महीना सबसे खास इसलिए भी होता है क्योंकि इसमें कई सारे बड़े व्रत-त्योहार पड़ते हैं. इसी दिन सिख समुदाय के लोग गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti 2023) मनाते हैं. इसी दिन को कतकी और देव दीपावली भी कहा जाता है और इस दिन एक बार फिर दिवाली जैसा माहौल होता है. कार्तिक पूर्णिमा खास इसलिए क्योंकि इसी दिन कार्तिक मास की समाप्ति होती है और तिथि समाप्त होते ही मार्गशीर्ष माह शुरू होता है. चलिए आपको बताते हैं इस साल ये दिन कब है और इसे कतकी या देव दीपावली क्यों कहते हैं.

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कार्तिक पूर्णिमा कब है? (Kartik Purnima 2023 Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 26 नवंबर की दोपहर 3.52 बजे से होगी. इस तिथि का समापन 27 नवंबर की दोपहर 2.45 बजे होगा. चूंकि हिंदू धर्म में हर व्रत उदयातिथि के अनुसार मनाते हैं इसलिए 27 नवंबर दिन सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी. इसी दिन पूर्णिमा व्रत सत्यनारायण भगवान की पूजा करना शुभ माना गया है और सुबह सुबह अगर गंगा स्नान कर लेते हैं तो सोने पर सुहागा का काम करने वाला है. ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण व्रत की पूजा कराने का शुभ मुहूर्त सुबह 9.30 बजे से सुबह 10.50 बजे तक रहेगा. इस मुहूर्त में आप परिवार के साथ भगवान विष्णु की माता लक्ष्मी के साथ पूजा करें आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

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कार्तिक पूर्णिमा को कतकी या देवदीपावली क्यों कहते हैं?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब त्रिपुरासुर का वध हुआ तो वो दिन कार्तिक पूर्णिमा का ही था. त्रिपुरासुर के वध की खुशी में सभी देवता प्रसन्न हुए और भगवान की नगरी काशी में दीप दान करते हुए खुशियां मनाने पहुंचे. तभी से कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली कहा जाने लगा क्योंकि सभी देवता पृथ्वी पर आकर दिवाली मनाने लगे इसलिए कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली भी कहते हैं. इस दिन को कार्तिक के पर्यायवाची शब्द कतकी के दिन से भी जाना जाता है. इसी दिन सिख समुदाय के लोग गुरु नानक जयंती मनाते हैं जो उनके प्रथम गुरू थे.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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