kartik purnima 2022 Date: साल में 12 मास होते हैं, और उन 12 मासों में कार्तिक मास (Kartik Month) को धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण मास माना जाता है. इस महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी (Lord Vishnu and Maa Lakshmi)की पूजा करने का विधान होता है. माना जाता है कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कार्तिक मास में पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए. कार्तिक मास में दीप दान किए जाने का भी बहुत महत्व होता है, साथ ही जो इस मास में व्रत करता है भगवान विष्णु उसकी सभी इच्छाएं पूरी करते हैं. पौराणिक मान्यता है कि कार्तिक के पावन महीने में भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था. इसी वजह से इस महीने में विष्णु भगवान की पूजा करने का खास विधान होता है. आइए जानते हैं कि कब है कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima), क्या है शुभ, और इस मास में दान का महत्व.

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कार्तिक पूर्णिमा 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त

कार्तिक पूर्णिमा 2022 तिथि आरंभ- 7 नवंबर, 2022 को शाम 4 बजकर 15 मिनट से.

कार्तिक पूर्णिमा तिथि समाप्त- 8 नवंबर, 2022 को शाम 4 बजकर 31 मिनट पर.

कार्तिक पूर्णिमा व्रत तिथि- 8 अक्टूबर, 2022

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4 बजकर 57 मिनट से 5 बजकर 49 मिनट तक (8 नवंबर 2022)

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कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और दान का महत्व

हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बहुत पावन मास माना जाता है. इसलिए इस मास में नदी स्नान और दान का बहुत महत्व माना जाता है. जैसे-,

– कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में नहाने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं.और उसमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

– पुराणों के अनुसार इस मास में भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप धारण कर जल में वास किया था. इसलिए कहा जाता है कि इस दिन नदी में नहाने से और दान करने से व्यक्ति परम सुख भोग बैकुंठ लोक को जाता है.

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– कहा जाता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करता है उसके सभी दैहिक, दैविक, और भौतिक कष्ट दूर हो जाते हैं.

– कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाए जाने का विधान होता है. माना जाता है कि इस दिन शिवजी जी ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था. इसलिए इस दिन को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)