Happy Govardhan Puja 2023 Wishes: कार्तिक मास में कई सारे त्योहार पड़ते हैं ज्यादातक कार्तिक माह की अमावस्या से शुरू होते हैं. कार्तिक माह की अमावस्या के दिन दिवाली मनाई जाती है, उसके बाद गोवर्धन पूजा की जाती है. इसके बाद भाई दूज मनाते हैं और उसके बाद छठ का महापर्व मनाया जाता है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट भी कहते हैं लेकिन बिहार के लग गोवर्धन पूजा भाई दूज के दिन करते हैं. दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा इस साल 14 नवंबर के दिन पड़ रहा है और इस दिन देशभर में हिंदू धर्म के लोग गाय माता की भी पूजा करते हैं. त्योहार मनाने से पहले अपनों को इस दिन के लिए विश तो करना भी जरूरी होता है.

गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं (Happy Govardhan Puja 2023 Wishes)

1.प्रेम जपो कृष्ण का नाम,
पूरे होंगे सारे अधूरे काम,
आज काम ना करन कोई दूजा
आज तो करना है गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं

2.घमंड तोड़ इंद्र का प्रकृति का महत्व समझाया,
उंगली पर उठाकर पहाड़ वो ही रक्षक कहलाया
ऐसे बाल गोपाल लीलाधर को शत शत प्रणाम
आप सभी को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं

3.गोवर्धन पूजा की बधाई, यशोदा मां का दुलार
राधा का प्यार, मीरा की भक्ति, भोग की मिठास
सदा खुश रहें आप और आपका परिवार
गोवर्धन पूजा की बहुत बहुत शुभकामनाएं

4.मेरा कान्हा बंसी वाला, सबका पालनहार है
एक हाथ में बंसी उसके एक हाथ में चक्र संघार है
गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं

5.बंसी की धुन पर सबके दुख वो हरता है
आज भी कन्हैया अपना चमत्कार करता है
हर दिन भक्तों का दुख दूर करता है
कान्हा अपने भक्तों से बहुत प्यार करता है
Happy Govardhan Puja 2023

क्यों मनाई जाती है गोवर्धन पूजा (Happy Govardhan Puja 2023 Wishes)

गोवर्धन पूजा को लेकर भगवान श्रीकृष्ण की ये कहानी प्रचलित है. भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापरयुग में लोगों से इंद्र की पूजा के बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा था हालांकि इससे पहले लोग बारिश के देवता इंद्र की पूजा करते थे. भगवान कृष्ण ने लोगों को बताया कि गोवर्धन पर्वत से गोकुल वासियों को पशुओं के लिए चारा मिलता है. गोवर्धन पर्वत बादलों को रोककर वर्षा करवाता है जिससे कृषि उन्नत होती है. भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का अभिमान चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर संपूर्ण गोकुल वासियों की इंद्र के कोप से बचा लिया था.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)