Happy Chath Puja Kharna Wish: लोक आस्था का महापर्व छठ 17 नवंबर से शुरू हो चुका है. यूपी, बिहार और झारखंड में छठ पूजा धूमधाम से मनाई जाती है. छठ पूजा महापर्व है और ये 4 दिनों का पर्व है जिसे सबसे कठिन व्रत माना गया है. 18 नवंबर दिन शनिवार यानी आज खरना है जो छठ पूजा के एक दिन पहले होता है और इसमें भी दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद रात में खरना का प्रसाद खाता है. इसमें गुड़ की खीर और रोटी खाई जाती है जो लड़की के चूल्हे पर बनी होती है. खरना का प्रसाद हर कोई खाना चाहता है और ये बहुत ही शुभ माना गया है. खरना के पहले अपनों को इस दिन की शुभकामनाएं तो भेज दें.

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छठ पूजा में खरना की भेजें शुभकामनाएं (Happy Chath Puja Kharna Wish)

1.जो हैं जगत के तारण हार, सात घोड़ों की जिनकी सवारी
ना कभी रुके, ना कभी देर करे ऐसे हैं सूर्य देव
आओ मिलकर करें इस छठ पूजा में खरना की तैयारी
छठ पूजा के खरना की हार्दिक शुभकामनाएं

2.छठ पूजा आए बनके उजाला
खुल जाये आप की किस्मत का ताला
हमेशा आप पर रहे मेहरबान ऊपरवाला
यही दुआ करता है आपको ये चाहने वाला
छठ पूजा के खरना की शुभकामनाएं

3.सदा दूर रहो गम की परछाईयों से,
सामना ना हो कभी तन्हाईयं से
हर अरमान हर ख्वाब पूरा हो आपका
यही दुआ है दिल की गहराईयों से
छठ मैया आपकी हर मुराद पूरी करे

4.लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा
के दूसरे दिन खरना की सभी
छठव्रतियों को हार्दिक शुभकामनाएं

5.पूरे एक साल के बाद छठ पूजा का दिन आया है
सूर्य देव को नमन कर इस पर्व को मनाया है
खरना और छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं

क्या होता है छठ पूजा में खरना का महत्व? (Kharna Importance in Hindi)

छठ पूजा का दूसरा दिन खरना का होता है जिसमें पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हैं. इसके बाद रात में खरना का प्रसाद खाते हैं. खरना के प्रसाद में गुड़ और चावल की खीर को लकड़ी और मिट्टी के नए चूल्हे पर तैयार किया जाता है. इस प्रसाद को सूर्य देवता को चढ़ाया जाता है. खरना के प्रसाद को ‘रसियाव’ कहते हैं. इस प्रसाद को पहले खुद व्रती महिलाएं कहते हैं और बाद में इसे परिवार के बाकी सदस्यों में बांटा जाता है. चावल और दूध को चन्द्रमा का प्रतीक, जबकि गुड़ को सूर्य का प्रतीक माना गया है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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