पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला दिवाली  (Diwali) का पर्व इस बार 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा. पांच दिनों तक चलने वाले इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है. लेकिन इस बार तिथि और मुहुर्त आदि के कारण पांच दिन चलने वाला यह त्योहार सिर्फ 4 दिन ही मनाया जाएगा. इस बार दिवाली पर सूर्य ग्रहण का साया भी रहने वाला है. इस कारण चतुर्दशी युक्त अमावस्या 24 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी, वहीं 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण रहेगा. गोवर्धन पूजा, अन्नकूट 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा. हालांकि बहुत सारे लोग दिवाली मनाने को लेकर बहुत कंफ्यूज़ हो रहे हैं.

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दीपावली महापर्व पर प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है.  प्रदोष काल गृहस्थियों और व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजन के लिए बहुत ही लाभकारी और कल्याणकारी माना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, सौरमंडल में ग्रहों का भ्रमण और ग्रहों की चाल से इस बार नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली एक साथ मनाई जाएगी. इसीलिए पांच दिनों तक चलने वाला दिवाली का त्योहार इस बार मात्र 4 दिनों में ही समाप्त हो जाएगा.

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इस बार 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण का भी साया रहने वाला है. इसीलिए 24 अक्टूबर को ही दिवाली मनाई जाएगी. विशेषज्ञों की मानें, तो हर साल पांच दिनों तक मनाया जाने वाला यह दिवाली का पर्व इस बार 4 दिनों में ही समाप्त हो जाएगा. ऐसा करने की मुख्य वजह तिथियों की घटत-बढ़त और सूर्य ग्रहण को माना जा रहा है.

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धनतेरस के दिन से शुरु होने वाले दीपोत्सव की शुरुआत शनिवार से हो जाएगी. आमतौर पर धनतेरस से भाईदूज तक पांच दिवसीय दीपोत्सव मनाया जाता है, लेकिन इस बार पांच की जगह दीपोत्सव 4 दिन ही मनाया जाएगा. इसका कारण यह है कि इस बार लक्ष्मी पूजा यानि दिवाली के अगले दिन खंडग्रास सूर्यग्रहण लग रहा है. ऐसे में गोवर्धन पूजा का पर्व भी एक दिन देरी से मनाया जाएगा. वहीं धनतेरस का त्योहार इस बार दो दिन मनाया जाएगा.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ओपोई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)